उस दिन सब जगह दिख रही थी तुम। टीवी, सोशल मीडिया सभी जगहों पर। कुछ लोग सिर पर हाथ रखकर, कुछ मुंह पर हाथ दबाकर, तो कुछ छुपकर अकेले में तुम्हारा वीडियो देख रहे थे। और तुम हैदराबाद के फिल्म चैम्बेर के सामने टॉपलेस हो रही थी। श्री रेड्डी तुम्हारा यह विरोध बहुतों के मुंह पर तमाचे जैसा था।

मैंने भी तुम्हें देखा। तुम्हारी हिम्मत देखी और तुम्हारा विरोध भी देखा। मालुम है श्री तुम जैसे-जैसे अपने शरीर से एक-एक कपड़े उतार रही थी, वैस-वैसे सदियों पुरानी एक व्यवस्था की चूलें हिल रहीं थी। यही नहीं तुम मायावी दुनिया को भी नंगा कर रही थी, तार-तार कर रही थी, जो बहुत जरूरी था। तुम्हारा यह कदम उन नन्हीं आंखों को काफी हिम्मत देगा, जो सपने की इस दुनिया में आने चाह रखे हुए हैं और उन लड़कियों को भी हिम्मत देगा, जो रोज इस दर्द से गुजर रही हैं।

इस दुनिया में स्थापित हो चुके, आम इंसान की पहुंच से दूर पहुंच चुके सितारे, स्टार, बड़ी भीड़ को पागल बना देने वाले ये लोग अक्सर इस मुद्दे को दबा देते हैं। इससे पहले जब भी किसी अभिनेत्री या स्ट्रगलर ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई तो ये सितारे बॉलीवुड परिवार की बात कहकर मामले को घालमेल कर गए।

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इस गंदगी का शिकार कंगना रनौत, ममता कुलकर्णी और टिस्का चोपड़ा सरीखी अभिनेत्रियां रहीं हैं। लेकिन पता है श्री, तुम में और इन अभिनेत्रियों में क्या फर्क है? आवाज और विरोध का। इन सब ने जब सफलता प्राप्त कर ली, तब एक किस्से के तौर पर इसके बारे में बातें की, लेकिन तुमने अपनी आवाज को घुटने नहीं दिया, तुम जैसे बेपर्दा की गई थी, वैसे ही सड़क पर उन सबको बेपर्दा किया, जो अपनी हवस पूरी करने के लिए कई मासूमों के सपनों का गला घोट देते हैं। तुमने, घटना होते ही आवाज उठाई, पूरी दमदारी से। एक साथ बहुत बड़े-बड़े लोगों के मुंह पर तमाचा मारा।

जानती हो श्री, महिलाओं को हराने का पुरुषों का सबसे बड़ा हथियार क्या है? चरित्र। जिसे पुरुष बखूबी जानता है कि किसी भी महिला को दबाना है, उसके कद को छोटा करना है तो उसके चरित्र का हनन कर दो। घोषणा कर दो महिला के चरित्रहीन होने की। संभव है, तुम्हारे साथ भी ऐसा हो, लेकिन तुम बेफिक्र बनी रहना, क्योंकि अगर तुम इस पर ध्यान देने लगी तो तुम्हारी मुहीम कमजोर पड़ेगी तो प्लीज इस पर ध्यान मत देना, अपने लिए, देश के भविष्य के लिए।

एक बात बताऊं श्री, बचपन से बड़े होने तक महिलाओं के बारे में एक बात सुनता आ रहा था। नंगी औरत खतरनाक होती है। इसका मतलब अब समझ में आया, ये पितृ सत्ता नंगी औरत से दूर रहने को क्यों कहता है। नंगी औरत में विरोध होता है, उसकी आवाज उन औरतों की तरह नहीं दबी रह जाती है, जो बेटी से लेकर मां बनने तक सिर्फ सिसकियों के जरिए अपना विरोध जता पाती है। कोई अगर तुम्हें इससे भी संबोधित करे तो भी डरना या घबराना मत, क्योंकि पुराणों के समय से लेकर किताबों के आने तक यह व्यवस्था की जाती रही है कि कैसे पुरुष की सत्ता बची रहे, जिसके लिए ऐसे वाक्य गढ़े गए हैं।

मुझे पता है तुम अपने सपनों की लड़ाई लड़ रही हो, मेरे हिसाब से दिल तोड़ने से ज्यादा खतरनाक सपनों को तोड़ना है। सपने भविष्य होते हैं, बिना सपने के इंसान होना संभव ही नहीं है। इस बात को महान कवि अवतार सिंह 'पाश' बहुत पहले जान गए थे, तभी तो लिख गए थे, सबसे खतरनाक होता है 'सपनों का मर जाना।' तुम्हारा भी सपना तोड़ा गया है, पैरों तले कुचला गया है, अपने और आने वाली नस्ल के सपनों के लिए इस लड़ाई को जारी रखना। अंत में इतना ही तुम पर गर्व है श्री, तुम्हें सलाम है श्री...