मुंबई: बॉलीवुड फिल्म 'हिचकी' आज रिलीज हो रही है, लंबे समय के बाद रानी मुखर्जी के कमबैक को आलोचकों ने पसंद किया है। रानी मुखर्जी फिल्म में नैना माथुर के किरदार में हैं। स्पीच डिफेक्ट की वजह से रानी को बोलने में थोड़ी दिक्कत होती है, इसी चलते उन्हें शिक्षिका की नौकरी भी काफी जद्दोजहद के बाद हासिल हो पाती है।

संघर्ष के बाद नैना माथुर (रानी मुखर्जी) को बस्ती के 14 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी मिलती है। नैना माथुर अपनी मेहनत और लगन से बच्चों की जिंदगी को संवारती हैं। हालांकि पढ़ाने के दौरान रानी के फिल्मी किरदार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बच्चे उनपर सट्टा खेलते हैं कि ये 'हकली' कब तक टिकेगी?

हिचकी के पोस्टर से ली गई तस्वीर 
हिचकी के पोस्टर से ली गई तस्वीर 

फिल्म का थीम सुनने के बाद आपको लगेगा कि ये फिल्म 'तारे जमीं पर' जैसी है। इस फिल्म में आमिर खान ने डिस्लेक्सिया से पीड़ित एक बच्चे का भविष्य सुधारा था। फिल्म 'हिचकी' की तुलना 'तारे जमीं पर' से नहीं हो सकती, क्योंकि ताजा फिल्म के कई कमजोर पक्ष हैं। सिवाय रानी मुखर्जी की दमदार भूमिका के, फिल्म का कई पक्ष दर्शकों को निराश करता है। फिल्म में बच्चों के किरदार को भी प्रभावी रूप से नहीं दिखाया गया है। हां, टीचर नैना माथुर की भूमिका में रानी मुखर्जी ने अपना सिक्का जरूर जमाया है।

फिल्म हिचकी हॉलीवुड से प्रेरित है, खाड़ी देशों में इसे पहले ही रिलीज किया जा चुका है। भारत में रिलीज़ से पहले लोगों ने खाड़ी देशों के क्रिटिक्स की राय जानने की कोशिश की है। जी हां वहां भी आलोचकों ने खासकर रानी मुखर्जी के कमबैक को खूब सराहा है।