बैनर : क्लीन स्लेट फिल्म्स, कृअर्ज एंटरटेनमेंट, केवायटीए प्रोडक्शन्स

निर्माता : अनुष्का शर्मा, कर्नेश शर्मा

निर्देशक : प्रोसित रॉय

संगीत : अनुपम रॉय

कलाकार : अनुष्का शर्मा, परमब्रता चटर्जी, रजत कपूर, ऋताभरी चक्रवर्ती, रजत कपूर

सेंसर सर्टिफिकेट :’ A’

हॉरर फिल्मों की फेहरिस्त में एक और नाम ‘परी’ जुड़ गया है। बतौर निर्माता अनुष्का शर्मा ने बेहतरीन करने की पूरी कोशिश की है। अनुष्का की हॉरर लुक दर्शकों को फिल्म के शुरुआती हिस्से में डराती है। बाद में दर्शकों की सहानुभूति इस किरदार के प्रति उभरती है।

परी में हॉरर के साथ ही कुछ और पुट देने की कोशिश की गई है। जिसमें इमोशन और रोमांच का तड़का लगाने की कोशिश की गई है। दमदार कहानी नहीं होने के कारण दर्शक किरदार से जुड़ नहीं पाता है। फिल्म के दूसरे हिस्से में दर्शकों की दिलचस्पी कम होने लगती है।

परी की कहानी के मुताबिक कोलकाता में अर्णब (परमब्रता चटर्जी) की कार की टक्कर से महिला की मौत हो जाती है। मृतका की बेटी रुखसाना (अनुष्का शर्मा) से अर्णब मिलते हैं। वे देखकर हैरान रह जाते हैं कि रुखसाना के पैरों में जंजीर बंधी हुई है। उसके कपड़े बेतरतीब और गीले हैं। साथ ही उसे अंधेरी और तंग जगह में रखा गया है।

रुखसाना अर्णब को बताती है कि कुछ लोग उसे मारना चाहते हैं। उसकी बदहाल हालत और बदहवासी देखते हुए अर्णब उसे अपने घर में पनाह देता है। हालांकि अर्णब इस बारे में अपनी मंगेतर को कुछ नहीं बताता है।

कुछ ही दिनों बाद रुखसाना की असलियत का पता चलता है। जो वास्तव में फिल्म का असली सस्पेंस है। फिल्म की कहानी को बंग्लादेश से जोड़ा गया है। ये भी दिखाने की कोशिश की गई है कि किस तरह बुरी आत्माएं महिलाओं को गर्भवती बनाने की कोशिश करती हैं। यूं तो इस तरह के भूतहे फिल्मों से लोग वाकिफ हैं, जिममें प्रेतात्मा को हीरोईन के साथ रेप करते दिखाया जाता है।

हालांकि बेहतर निर्देशन की वजह से फिल्म से कुछ देर तक दर्शकों को जुड़ाव रहता है। वैसे हॉरर फिल्में पसंद करने वाले लोग फिल्म का भरपूर मजा ले सकते हैं।