- के. रामचंद्रमूर्ति

पटियाला: पंजाब विधानसभा के लिए होने वाले चुनावों में जो मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं, उससे सत्तारूढ़ गठबंधन को खासी शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। अकाली दल-भाजपा गठबंधन की लोकप्रियता बुरी तरह कम होने के दो मुख्य कारण हैं: बेरोजगार युवाओं के प्रति उसकी बेरुखी और ड्रग माफिया से निपटने में उसकी नाकामी। उधर कृषि क्षेत्र में व्याप्त बदहाली और उसके प्रति बादल सरकार द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण किसान समुदाय भी खासा नाराज़ है।

पंजाब के लोग मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर खुलेआम आरोप लगा रहे हैं कि वो अपने वित्त मंत्री के साथ हाथ मिलाए हुए हैं जो ड्रग कारोबार में शामिल हैं। ड्रग माफिया ने पंजाब के नौजवानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को तबाह कर डाला, जो बेरोजगारी से उपजे असंतोष के कारण उसके चंगुल में बुरी तरह फंसे हुए थे।

एम.फिल. कर चुकीं पूर्णिमा सिंह कई सालों से बेरोजगार हैं। पटियाला में आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा आयोजित सम्मेलन के पास पूर्णिमा ने इस संवाददाता को बताया कि वो इसलिए संघर्ष कर रही हैं ताकि उनके बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सकें और उन्हें अच्छी नौकरियां मिलें। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की अर्थव्यवस्था, कृषि और उद्योग के क्षेत्रों की बदहाली के लिए अकाली और कांग्रेस सरकारें जिम्मेदार हैं। वो आप की ओर से चुनाव प्रचार में भाग ले रही हैं।

हरियाणा की सीमा पर स्थित राजपुरा गांव में रहने वाले किसान राजीव कुमार ने बताया कि नोटबंदी ने कृषि क्षेत्र पर बेहद नकारात्मक असर डाला है। उन्होंने कहा कि एक समय हरित क्रांति के फलस्वरूप अपनी कृषि संपदा पर गर्व महसूस करने वाले इस प्रदेश में अब किसानों की आत्महत्याएं आम बात हो गईं। खेती में लगने वाली लागत बेतहाशा बढ़ गई जबकि फसलों को जो दाम मिलता है, उससे उसकी भरपाई बिल्कुल नहीं हो रही है, कुमार ने विस्तार से बताया।

कांग्रेस पार्टी भी कोई वैकल्पिक एजेंडा प्रस्तुत करने में नाकाम रही। उसने उन्हीं पुरानी बातों को दोहराया जो इसके पहले वाले चुनावी घोषणापत्रों में मौजूद थीं। तीनों प्रमुख पार्टियों ने किसानों को कर्ज माफी देने का वादा किया है। लेकिन किसान इससे उत्साहित नहीं दिख रहे हैं।

इस पर अमल हो पाना नामुमकिन है। वो लोग वोटों की खातिर कर्ज माफी का वायदा कर रहे हैं। लेकिन जब इस पर अमल करने की बारी आएगी, तब उन्हें मालूम होगा कि यह नामुमकिन है। इसके लिए भारी धनराशि चाहिए।
राजीव कुमार, किसान, पंजाब

दिल्ली में आप सरकार द्वारा लागू कल्याण योजनाओं पर लोगों को चर्चा करते हुए देखा गया। वो खास तौर पर मोहल्ला दवाखाना की अवधारणा की तारीफ कर रहे थे। अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च 200 प्रतिशत बढ़ाया। उनकी पार्टी लोगों को आश्वासन दे रही है कि पंजाब में वो सब कुछ किया जाएगा जो दिल्ली में किया जा रहा है।

जहां कांग्रेस की कमान कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों में है, वहीं उनके कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी साफ नज़र आ रही है। और दूसरी ओर आप की कार्यकर्ताओं के चेहरों में खुशी साफ झलक रही है।

अकाली सरकार की भी कुछ उपलब्धियां जरूर हैं। लेकिन जन मानस में उसकी स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह लगातार तीसरी बार भी सत्ता हासिल करने की उम्मीद कर सके। लगातार दो बार सत्ता में होने के कारण विरोधी लहर की जो तीव्रता महसूस की जा रही है, उसे देखते हुए यह लगभग असंभव ही होगा कि वह इस बार जनता की नाराज़गी का शिकार होने से बच जाए।