मुंबई: पुलिस ने कहा है कि भीड़ के हाथों लोगों की पीट - पीट कर हत्या के लिए जिम्मेदार कम से कम उन पांच वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई है जिनके चलते बच्चा चोरी की अफवाह फैली थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आज दावा किया कि ज्यादातर वीडियो को “ भय पैदा करने के लिए गलत तरीके से पेश किया गया '' और ये महाराष्ट्र की घटनाओं के नहीं थे बल्कि उन्हें कहीं और शूट किया गया है।

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पुलिस अधिकारी के मुाताबिक कुछ क्लिपिंग बेंगलुरु, सीरिया और पाकिस्तान के कराची जैसी जगहों की है। महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काननू एवं व्यवस्था) बिपिन बिहारी ने कहा, “ऐसे वीडियो का प्रसार नहीं होना चाहिए था। चाहे इनके साथ छेड़छाड़ हुई हो या इन्हें संपादित किया गया हो या ये फर्जी वीडियो हों, इन क्लिप्स ने बहुत गंभीर समस्याएं पैदा कीं।”

उन्होंने कहा , “ हमारी साइबर अपराध टीम इस तरह के वीडियो के स्रोत की जांच कर रही है।” महाराष्ट्र में पिछले डेढ़ महीने में अफवाह के चलते भीड़ की हिंसा या पीट - पीट कर हत्या करने की 14 घटनाओं में 10 लोगों की जान जा चुकी है। एक जुलाई को धुले जिले में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में पांच लोगों की पीट - पीट कर हत्या कर दी थी।

इसके अलावा हैदराबाद सहित कई जगहों पर इस तरह की घटनाएं हुईं। जहां बच्चा चोरी के आरोप में मासूम लोगों की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। दरअसल इन मामलों में वैसे लोग बड़ गुनहगार हैं जो सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रांतियां फैलाते हैं। अब विभिन्न शहरों की साईबर सेल की पुलिस जांच में जुटी है कि इन वीडियोज का स्रोत कहां से हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई का मन बना रही है।