मुंबई : किंग्स इलेवन पंजाब सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल की 94 रन की अर्धशतकीय पारी के बावजूद आज यहां इंडियन प्रीमियर लीग के दिलचस्प टी20 मैच में मुंबई इंडियंस के हाथों तीन रन से हार गयी।

मुंबई इंडियंस 13 मैचों में इस छठी जीत से 12 अंक लेकर चौथे स्थान पर पहुंच गयी तथा प्लेआफ में पहुंचने की दौड़ में बनी हुई है जबकि किंग्स इलेवन पंजाब 13 मैचों में 12 अंक से छठे स्थान पर खिसक गयी है।

मुंबई इंडियंस ने बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद कीरोन पोलार्ड के 50 रन से आठ विकेट पर 187 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में किंग्स इलेवन पंजाब ने राहुल की 60 गेंद में 10 चौके और तीन छक्के वाली पारी और आरोन फिंच (46) के साथ दूसरे विकेट के लिये 12.2 ओवर में 111 रन की शतकीय साझेदारी के बावजूद निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन ही बना सकी।

किंग्स इलेवन पंजाब ने अपने विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल (11 गेंद में दो चौके और एक छक्के से 18 रन) का विकेट जल्द ही खो दिया, जो मिशेल मैक्लेनघन (37 रन देकर दो विकेट) की बाउंसर गेंद को ज्यादा ही ऊंचा खेल गये, बेन कटिंग ने कोई गलती नहीं की और भागते उनका कैच आसानी से लपक लिया।

शानदार फार्म में चल रहे राहुल और फिंच संभलकर खेले। राहुल जब 21 रन पर थे, उन्हें जीवनदान मिला था। उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और क्रुणाल पंड्या की गेंद पर लांग आन पर गगनचुंबी छक्का जड़कर 36 गेंद में छह चौके और एक छक्के से टूर्नामेंट के इस चरण में छठा अर्धशतक पूरा किया। वह अभी तक 13 मैचों में 651 रन जुटाकर ‘ओरेंज कैच' बरकरार रखे हैं।

इसके बाद अगले 12वें ओवर में जसप्रीत बुमराह (चार ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट) के ओवर में महज चार रन बने जिससे किंग्स इलेवन पंजाब पर दबाव बढ़ता जा रहा था तथा जीत के लिये जरूरी रन रेट 11 तक पहुंच गया। दोनों बल्लेबाजों में राहुल आक्रामक थे और दबाव को कम करने के लिये उन्होंने युवा मयंक मार्कंडेय के तीसरे ओवर में लगातार दो छक्के जड़े जिससे 16वें ओवर में 18 रन जुड़े। पर फिंच अर्धशतक से चूक गये और बुमराह की गेंद पर आउट हुए। हार्दिक पंड्या ने शानदार कैच लपककर उनकी 46 रन (तीन चौके और एक छक्का) की पारी समाप्त की जिसके लिये उन्होंने 35 गेंद का सामना किया। अब जिम्मेदारी राहुल की कंधों पर थी, पर दूसरे छोर पर मार्कक स्टोईनिस इसी ओवर में विकेटकीपर ईशान किशन को कैच देकर पवेलियन लौट गये।

अक्षर पटेल को युवराज सिंह से पहले बल्लेबाजी के लिये भेजा गया। 18वें ओवर में राहुल ने बेन कटिंग की गेंदों को धुना और आक्रामकता दिखाते हुए हर कोण से चौके जड़े जिससे वह आईपीएल सत्र में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गये। इससे पहले डेविड वार्नर ने 2016 में 468 रन बनाये थे। पर बुमराह की धीमी गेंद को राहुल समझ नहीं सके और कटिंग को कैच दे बैठे। बस अब मैच की 10 गेंद खेली जानी बाकी थी। अंतिम ओवर में जीत के लिये 17 रन की दरकार थी, युवराज भी आउट हो गये। अक्षर पटेल (नाबाद 10) ने छक्का जड़कर प्रयास किया लेकिन हार से नहीं बचा सके।

इससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद मेजबान टीम ने अच्छी शुरूआत के बावजूद ‘पर्पलकैप धारी' एंड्रयू टाई की शानदार गेंदबाजी के सामने लगातार विकेट गंवा दिये। लेकिन पोलार्ड (23 गेंद में पांच चौके और तीन छक्के) और क्रुणाल पंड्या (32 रन, 23 गेंद में एक चौके और दो छक्के) ने पांचवें विकेट के लिये 65 रन की भागीदारी निभाकर उसे यह सम्मानजनक स्कोर बनाने में अहम भूमिका अदा की।

सूर्यकुमार यादव (27 रन) ने अच्छी शुरूआत की। उन्होंने तीसरे ओवर में अंकित राजपूत की गेंदों को धुनते हुए दो चौके और दो छक्के से 21 रन जोड़े। मुंबई को पहला झटका एविन लुईस (09) के रूप में लगा जो टाई (चार ओवर में 16 रन देकर चार विकेट) की खूबसूरत ‘नकलबॉल' पर बोल्ड हो गये। ईशान किशन (20 रन) ने आते ही तेजी से रन जुटाने की कोशिश की। उन्होंने पांचवें ओवर में मोहित शर्मा पर बैकवर्ड स्क्वायर लेग में गगनचुंबी छक्का लगाया और फिर अगली ही गेंद को भी डीप प्वाइंट पर छह रन के लिये पहुंचा दिया। इस तरह दो छक्के और एक चौके से स्कोर में 18 रन का इजाफा हुआ। पर किशन की 12 गेंद की पारी भी जल्द समाप्त हो गयी जब टाई की ‘नकलबॉल' पर मार्कस स्टोइनिस (तीन ओवर में 43 रन देकर एक विकेट) ने मिड आन पर उनका कैच लपका और अगली ही गेंद पर सूर्यकुमार पवेलियन लौट गये, टाई ने फिर अपनी ‘नकलबॉल' से कमाल किया जो मुंबई के भरोसेमंद बल्लेबाज के बल्ले से छूती हुई विकेटकीपर लोकेश राहुल के हाथों में समां गयी। इस तरह मुंबई ने 59 रन पर दो अहम विकेट गंवा दिये और पावरप्ले के छह ओवर में तीन विकेट पर 60 रन बनाये।

टाई ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पावरप्ले में अपने दो ओवर में महज पांच रन देकर तीन विकेट अपने नाम किये। इसके बाद रन गति धीमी होती रही। अब कप्तान रोहित शर्मा (06) क्रीज पर उतरे, दर्शकों को उनसे काफी उम्मीद लगी हुई थी। रोहित भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके, राजपूत (46 रन देकर एक विकेट) की गेंद को टाइम नहीं करने से मिड आन पर खड़े युवराज सिंह ने उनका आसान कैच लपक लिया। टीम ने 71 रन पर चार विकेट खो दिये। क्रुणाल और जेपी डुमिनी की जगह उतारे गये पोलार्ड के क्रीज पर आने के बावजूद तेजी से रन नहीं बन रहे थे। पहले पांच ओवर में जहां एक विकेट के नुकसान पर नौ बाउंड्री लगी तो अगले पांच ओवर में केवल एक बाउंड्री 10वें ओवर में पोलार्ड के बल्ले से लगी व तीन विकेट गिरे।

इसके बाद वानखेड़े स्टेडियम की दो ‘लाइट टावर' की बिजली गुल हो गयी जिससे कुछ देर के लिये खेल रूक गया। बारहवां ओवर कुछ राहत लेकर आया जिसमें क्रुणाल ने स्टोईनिस की गेंदों पर लगातार दो छक्के और एक चौका जमाया जिससे 19 रन बने। पोलार्ड ने भी हाथ खोलते हुए अक्षर पटेल की गेंद पर अपनी पारी का पहला छक्का डीप मिडविकेट में लगाया। इसके बाद पोलार्ड ने तेजी से रन जोड़ना शुरू किया। इस तरह उन्होंने और क्रुणाल ने पांचवें विकेट के लिये महज 36 गेंद में 65 रन जोड़ दिये। लेकिन स्टोईनिस ने आफ कटर गेंद में क्रुणाल का विकेट हासिल किया। पर जैसे ही पोलार्ड ने अपना पचासा पूरा किया, वह पंजाब के कप्तान आर अश्विन की गेंद का शिकार बने। फिर अश्विन ने बीजे कटिंग के रूप में दूसरा विकेट हासिल किया। हार्दिक पंड्या (09) टाई का चौथा शिकार बने।