लंदन : लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में कल चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलेगी तो सरहद के दोनों पार वक्त मानों थम जायेगा और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले की सौगात मिलेगी।
दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव ने क्रिकेट की इस जंग को और रोमांचक बना दिया है। द्विपक्षीय क्रकिेट को भारत सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण दोनों टीमें सिर्फ आईसीसी टूर्नामेंटों में एक दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।
गत चैम्पियन भारत ने टूर्नामेंट के पहले मैच में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। कप्तान विराट कोहली पहले ही कह चुके हैं कि वही नतीजा फिर हासिल करने के लिये कुछ अतिरिक्त करने की जरुरत नहीं है। उस मैच के बाद हालांकि पाकिस्तान ने अपने प्रदर्शन में जबर्दस्त सुधार किया है।
वैसे भी यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट कौशल का नहीं बल्कि दबाव को झेलने का भी होगा और इसमें मानसिक दृढता की अहम भूमिका होगी। चेतन शर्मा की आखिरी गेंद पर जावेद मियांदाद का छक्का बरसों तक भारतीय क्रकिेटरों को कचोटता रहा जब तक कि सचिन तेंदुलकर ने सेंचुरियन में वह यादगार पारी खेलकर उसका बदला चुकता नहीं किया।

इस बीच अजय जडेजा, वेंकटेश प्रसाद, ऋषिकेश कानिटकर या जोगिंदर शर्मा ने बड़े मैचों में जीत के सू्त्रधार की भूमिका निभाई। नई दिल्ली से लेकर इस्लामाबाद तक और कराची से लेकर कोलकाता तक कोई भी क्रकिेट प्रेमी अपनी टीम को यह मैच हारते देखना नहीं चाहेगा।     मैदान पर मौजूद 22 क्रकिेटरों के लिये यह क्रिकेट का महज एक मुकाबला है, लेकिन लाखों क्रकिेट प्रेमियों के लिये यह उससे बढ़कर है और पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग तथा राशिद लतीफ के बयानों ने आग में घी का काम किया है।

इसमें भी कोई दोराय नहीं कि यह मुकाबला जीतने वाली टीम पर प्यार और पुरस्कार की बौछार होगी और हारने वाले को उतनी ही आलोचना झेलनी प़ड़ेगी।
कप्तान विराट कोहली ने भी कहा है कि गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रदर्शन के आधार पर देखें तो पाकिस्तानी टीम भारत के सामने कहीं नहीं ठहरती, लेकिन फिर पाकिस्तान उलटफेर करने में माहिर है और कल के मैच में तो उसके लिये बहुत कुछ दाव पर लगा है।
एकतरफा रहे पहले मैच में भारत ने 124 रन से जीत दर्ज की और कइयों का मानना है कि अब भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में वह बात नहीं रही क्योंकि पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है।
  वनडे में अजहर अली भारत के रोहित शर्मा के सामने कहीं नहीं ठहरते। इसी तरह अहमद शहजाद शिखर धवन की तरह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं। बाबर आजम नये हैं जबकि विराट कोहली वनडे में 8000 से ज्यादा रन बना चुके हैं।

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पाकिस्तान क्किेट टीम का प्रदर्शन 'पल में तोला पल में माशा' रहा है. मोहम्मद आमिर , हसन अली, जुनैद खान और रुम्मान रईस ने गेंदबाजी में अपना लोहा मनवाया है।
भारत के खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंटों में पाकिस्तान का जीत हार का रिकार्ड 2-13 का रहा है जिससे पलड़ा भारत का भारी लग रहा है। भारत के बल्लेबाजों ने रनों का अंबार लगाया है जिनमें शिखर धवन (317), रोहित शर्मा (304) और कप्तान कोहली (253) शीर्ष पांच में हैं।
गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमरा ने प्रभावित किया है। रविंद्र जडेजा ने हरफनमौला प्रदर्शन किया है जबकि हादर्कि और केदार ने उनका बखूबी साथ दिया है।
टीमें :
भारत :
विराट कोहली : कप्तान :, शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, एम एस धोनी , केदार जाधव, हादर्कि पांड्या, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमरा, भुवनेश्वर कुमार, दिनेश कातर्कि , मोहम्मद शमी, अजिंक्य रहाणे, उमेश यादव.

  पाकिस्तान :
सरफराज अहमद : कप्तान :, अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, हसन अली , मोहम्मद आमिर, रुम्मान रईस, जुनैद खान, इमाद वसीम , फहीम अशरफ, शादाब खान, फखर जमान, हारिस सोहेल।