नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में स्थित सहारा की एंबी वैली परियोजना की नीलामी जारी रहेगी, क्योंकि समूह सेबी-सहारा रिफंड खाते में 750 करोड़ रुपये जमा कराने में नाकाम रही है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी की पीठ ने यह आदेश आधिकारिक लिक्विडेटर द्वारा यह बताने पर दिया कि सहारा समूह ने रिफंड खाते में पैसे जमा नहीं कराए हैं।

यह भी पढ़ें :

सहारा समूह को झटका, एंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया शुरू

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सहारा ग्रुप की एंबी वैली होगी नीलाम

इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 12 जुलाई तय करते हुए पीठ ने कहा, "जहां तक संपत्ति की नीलामी का सवाल है तो वह जारी रहेगी, क्योंकि 750 करोड़ रुपये की रकम जमा नहीं करवाई गई है।"

खंडपीठ ने 19 अप्रैल को कहा था कि समूह के पास अपनी संपत्ति को 15 मई तक बेचने का वक्त है। अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहती है तो बम्बई उच्च न्यायालय के आधिकारिक लिक्विडेटर इसकी प्रस्तावित नीलामी की प्रक्रिया करेंगे।

एंबी वैली संपत्ति 8,900 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे टुकड़ों में बेचा जाएगा, क्योंकि पूरी संपत्ति का अभी तक कोई भी खरीदार नहीं मिला है।