मुंबई : बीते सप्ताह शेयर बाजार के साल के अंत में तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इस हफ्ते रिकार्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए और सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया, जिसमें वैश्विक बाजारों की तेजी की भी प्रमुख भूमिका रही।

साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 116.53 अंकों या 0.34 फीसदी के साथ 34,056.83 पर बंद हुआ तथा निफ्टी 37.70 अंकों या 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 10,530.70 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 1.41 फीसदी तथा स्मॉलकैप सूचकांक में 1.26 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

सोमवार को क्रिसमस के उपलक्ष्य में शेयर बाजार बंद थे। मंगलवार को सेंसेक्स 70.31 अंकों या 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 34,010.61 पर बंद हुआ, जो कि सबसे बड़ी तेजी थी। बुधवार को सेंसेक्स में 98.80 अंकों या 0.29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 33,911.81 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार में काफी उतार-चढ़ाव का रुख रहा और सेंसेक्स 63.78 अंकों या 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 33,848.03 पर बंद हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 208.80 अंकों या 0.62 फीसदी की तेजी के साथ 34,056.83 पर बंद हुआ। यह साल का भी आखिरी कारोबारी दिन था।

बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे - इंफोसिस (0.09 फीसदी), टीसीएस (2.3 फीसदी), विप्रो (4.09 फीसदी), मारुति सुजुकी इंडिया (0.32 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (0.42 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.2 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.67 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (0.06 फीसदी), एक्सिस बैंक (1.61 फीसदी), यस बैंक (1.61 फीसदी), सन फार्मा (7.6 फीसदी), डॉ. रेड्डी (3.49 फीसदी), टाटा स्टील (3.07 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.2 फीसदी), एशियन पेंट्स (1.88 फीसदी), सिप्ला (1.61 फीसदी) और हिन्दुस्तान यूनीलीवर (1.22 फीसदी)।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - बजाज ऑटो (0.04 फीसदी), आईटीसी (0.09 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.76 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.34 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (3.24 फीसदी) और लार्सन एंड टूब्रो (0.77 फीसदी)।

व्यापक आर्थिक मोर्चे पर, देश का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2017-18 के लिए निर्धारित बजटीय लक्ष्य का 112 फीसदी हो चुका है। वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल-नवंबर अवधि में यह 6.12 लाख करोड़ रुपये रहा। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा लक्ष्य का 85.8 फीसदी था।

सीजीए के आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले 8 महीनों में बजट अनुमान का 53.1 फीसदी राजस्व इकट्ठा किया है, जो कि 8.04 लाख करोड़ रुपये रहा। समूचे वित्त वर्ष में 15.15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा करने का सरकार ने बजट में अनुमान लगाया था।